जनसंघ से भाजपा तक
भारतीय जनता पार्टी गठन के पहले जनसंघ के नाम से जानी जाती था। जनसंघ दल के रूप में भी 1967 में 98 और 1969 में 49 सीट एवं 1974 में 17 प्रतिशत मत और 61 सीटें मिल चुकी हैं। जबकि 2012 में यह घटकर 15 प्रतिशत और 47 सीटें रह गयीं। 1980 में भारतीय जनता पार्टी ने गठन के बाद विधानसभा चुनाव में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। भाजपा 1980 में 10.76 प्रतिशत मत और 11 सीटें पा चुकी है। 1985 में 16 सीटें और 9.83 प्रतिशत और 1989 में 11.61 प्रतिशत मत और 57 सीटों पर चुनाव जीत चुकी है। 1991 में अयोध्या विवाद में धार्मिक ध्रुवीकरण के कारण भाजपा 221 सीटों पर चुनाव जीती और कल्याण सिंह के नेतृत्व में सरकार बनायी। इसके बाद भाजपा-बसपा के साथ मिलकर तीन बार 1995, 1997 एवं 2002 में सरकार बनायी, लेकिन तीनों बार सरकार कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी। हालांकि 1997 में बसपा के समर्थन वापसी के बाद जोड़-तोड़ करके भाजपा ने कल्याण सिंह के नेतृत्व में सरकार बनायी, लेकिन कल्याण सिंह की कुर्सी ज्यादा दिन नहीं रही। विवादों के कारण कल्याण सिंह को कुर्सी छोड़नी पड़ी। राम प्रकाश गुप्ता और फिर राजनाथ सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। राजनाथ सिंह के नेतृत्व में 2002 में चुनाव हुए, जिसमें सीटें और मत दोनों घटे। 1993 में 177 सीट और 33.3 प्रतिशत मत तथा 1996 में 174 सीट और 32.51 प्रतिशत मत पाने वाली भाजपा 2002 में मात्र 20.12 प्रतिशत मत एवं 88 सीटों पर सिमट गयी। 2007 एवं 2012 में सीटों और मतों में गिरावट आयी। 2007 में 51 सीट 16.97 प्रतिशत मत मिले थे जो 2012 में घटकर 47 सीट एवं 15 प्रतिशत रह गया। 2014 में मोदी के नेतृत्व में पहली बार केन्द्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनी । 2017 में उत्तर प्रदेश में भाजपा अध्यक्ष केशव मौर्य के नेतृत्व में चुनाव हुए। चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और केशव मौर्य ने नाम पर अतिपिछड़ों की एकजुटता के कारण अप्रत्याशित परिणाम आये। भाजपा को 39.67 प्रतिशत मत और 312 सीटें जीती। भाजपा की इस सफलता में अतिपिछड़ों का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा। चुनाव परिणाम आने के बाद गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया गया। केशव मौर्य और डॉ दिनेश शर्मा उपमुख्यमंत्री बने। 2022 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चुनाव हुआ और भाजपा को पूर्ण बहुमत मिला। उनकी सीटें कम हुई, लेकिन मत प्रतिशत 39.67 से बढ़कर 41.29% हो गये। योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बने। योगी आदित्यनाथ ने कई रिकॉर्ड तोड़े, जिसमें सबसे अधिक समय तक यूपी का मुख्यमंत्री रहना प्रमुख है। इसके अलावा केशव मौर्य दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बने। डॉ दिनेश शर्मा की जगह 2022 में बृजेश पाठक को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। जनसंघ से भाजपा तक के सफ़र का विस्तृत विश्लेषण “ieda.in” पर दिया गया है।
